No time for civilization, all you need is food

MO'S WANDERLIST

So the important lessons from today retrieved out of my ‘they saw me rolling, I ate it’-sushi date are All you need is food and life is too short to be civilized.
After a short night not breathing through my nose because of a cold I decided to make it a sort of quiet day.. Meaning that I packed my backpack for Australia and purchased a light jacket for the trip.

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It was hard not to pack too much. I noticed it was easy to overpack things I probably do not need extra.
Since I want to be fit next Monday I treated myself on a healthy lunch during my packing break. If I’m not able to grant myself some rest (*shakes head disapprovingly) I should at least nourish my body well. Salmon, fruits, whole grain bread.. The more color the better!

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Besides that I know perfectly well I’m slowly…

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विभिन्न रोगों में उपचार (Treatment of various diseases)

1. अंडकोष की सूजन: 14 से 28 मिलीलीटर दशमूल के काढ़े को 7 से 14 मिलीलीटर एरंड के तेल में मिलाकर रोजाना सुबह सेवन करने से अंडकोष की सूजन कम हो जाती है।

2. दांत मजबूत करना: सरसों के तेल में दशमूल काढ़ा डालकर आग पर पकायें। गाढ़ा हो जाने पर इससे दाँत एवं मसूढ़ों पर मलने से मसूढ़े मजबूत होते हैं।

3. गर्भवती स्त्री का बुखार: दशमूल के गर्म काढ़े में शुद्ध घी को मिलाकर सेवन करने से गर्भवती स्त्री का प्रसूत ज्वर मिट जाता है।

4. बहरापन: दशमूल काढ़े को तेल में पकाकर ठंडा कर लें। फिर इस तेल को चम्मच में लेकर गुनगुना करके 2-2 बूंद करके दोनो कानों में डालने से बहरापन दूर होता है।

5. कमरदर्द: 14 से 28 मिलीलीटर दशमूल काढे़ को 7-14 मिलीलीटर एरण्ड के तेल के साथ मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करने से कमर दर्द से आराम मिलता है।

6. कनफेड: फिटकरी, माजूफल, पलाश, पापड़ी और मुर्दासंग को एक साथ लेकर खिरनी के रस में मिलाकर कनफेड पर लगाने से आराम आता है।

7. जनेऊ (हर्पिस) रोग: दशमूल रस 40 से 90 ग्राम रोजाना 4 बार प्रयोग में लाने से जनेऊ रोग में लाभ मिलता है।

8. सभी प्रकार के दर्द होने पर: दशमूल ( बेल, श्योनाक, गंभारी, पाढ़ल, अरलू, सरियवन, पिठवन, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और गिलोय) को पकाकर काढ़ा बना लें, फिर इसमें जवाखार और सेंधानमक मिलाकर खाने से दिल के दर्द (हृदय शूल), श्वास (दमा), खाँसी, हिचकी और पेट में गैस के गोले आदि रोग समाप्त होते हैं।

9. पेट में दर्द: दशमूल (बेल, श्योनाक, खंभारी, पाढ़ल, अरलू, सरियवन, पिठवन, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और गिलोय) को पीसकर काढ़ा बनाकर गाय के पेशाब में मिलाकर पीने से पित्तोदर यानी पित्त के कारण होने वाले पेट के दर्द में राहत मिलती है।

10. गठिया रोग:  घुटने के दर्द में एरण्ड के तेल को दशमूल काढ़े के साथ सेवन करना चाहिए। इससे रोगी को तुरन्त फायदा मिलता है।

11. पीलिया का रोग: दशमूल काढ़े का एक कप रस लेकर उसमें आधा चम्मच सोंठ तथा 2 चम्मच शहद मिलाकर सुबह 8-10 दिन तक सेवन करने से पीलिया का रोग दूर हो जाता है।

12. शरीर का सुन्न पड़ जाना: दशमूल के काढ़े में पुष्कर की जड़ को मिलाकर पीने से शरीर का सुन्न होना दूर हो जाता है।

13. सिर का दर्द: दशमूल के काढ़े में घी और सेंधानमक को मिलाकर सूंघने से सिर दर्द के अलावा आधासीसी (आधे सिर का दर्द) का दर्द भी खत्म हो जाता है।

14. लिंगोद्रेक (लिंग उत्तेजित होने पर): 10 से 100 ग्राम दशमूल का रस दिन में 4 बार 6-6 घंटों पर सेवन करने से लिंग उत्तेजित होने का रोग दूर हो जाता है।

15. शोथ (सूजन) का ज्वर:

दशमूल और सोंठ का काढ़ा बनाकर पीने से सूजन के बुखार में लाभ होता है।
शहद मिलाकर रोजाना सुबह-सुबह रोगी को पिलाने से सूजन के बुखार, प्रसूति बुखार, सन्निपात ज्वर और अनेक प्रकार के वात रोगों में लाभ होता है।

16. सन्निपात ज्वर:
दशमूल (बेल, श्योनाक, खंभारी, पाढ़ल, अरलू, सरिवन, पिठवन, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और गिलोय) के काढ़े में छोटी पीपल का चूर्ण मिलाकर रोगी को पिलाने से नींद (तन्द्रा यानी अनिद्रा), खाँसी, श्वास (दमा), कण्ठ अवरोध (गले की खराबी), हृदयावरोध (दिल का रोग), पसलियों का दर्द तथा वात, पित्त और कफ दूर होता है। साथ ही साथ सन्निपात बुखार नष्ट हो जाता है।दशमूल (बेल, श्योनाक, खंभारी, पाढ़ल, अरलू, सरिवन, पिठवन, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और गिलोय) के काढ़े में उतना ही अदरक का रस, कायफल, पोहकरमूल, सोंठ, कालीमिर्च, काकड़ासिंगी, पीपल, जवासा तथा अजवायन आदि को मिलाकर पिलाने से सन्निपात बुखार से पीडि़त मरीज को छुटकारा मिलता है।दशमूल (बेल, श्योनाक, खंभारी, पाढ़ल, अरलू, सरियवन, पिठवन, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और गिलोय) और कचूर, काकड़ासिंगी, पोहकरमूल, धमासा, भांरगी, कुड़े के बीज़, पटोल के पत्ते और कुटकी आदि को मिलाकर पकाकर काढ़ा बना लें। इस बने काढ़े को पीने से त्रिदोष बुखार, खाँसी, नींद व आना, प्रलाप, दाह (जलन) और अरुचि (भूख न लगना) के रोग समाप्त हो जाते हैं।दशमूल (बेल, श्योनाक, खंभारी, पाढ़ल, अरलू, सरिवन, पिठवन, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और गिलोय), त्रिकुटा, सोंठ, भारंगी और गिलोय को मिलाकर काढ़ा बना लें, इस बने काढ़े को सेवन करने से सन्निपात बुखार में लाभ होता है।17. वात-पित्त का बुखार: बेल, श्योनाक, खंभारी, पाढ़ल, अरलू, सरिवन, पिठवन, बड़ी कटेरी, छोटी कटेरी और गिलोय) और अडू़से के काढ़े में शहद मिलाकर रोगी को पिलाने से कफ के बुखार में लाभ मिलता है।

काम के हैं ये हेल्थ टिप्स

अगर आपके बाल ड्राई हैं, तो हफ्ते में एक बार बालों पर गर्म तेल की मसाज व भाप दें। गर्म तेल बालों को ड्राई होने से रोकेगा और उन्हें मुलायम बनाएगा। 

मेहंदी को कलर आने तक ही बालों पर लगाकर रखें और फिर तुरंत धो दें। मेहंदी जितनी देर बालों में लगी रहती है, उतनी देर बालों की नमी सोखती है। 

ड्राई बालों पर ब्राशिंग स्कैल्प पर दबाकर करने से तैलीय ग्रंथियां सक्रिय होती है, जिससे बालों की ड्राईनेस कम होती है। 

गाजर के जूस में शहद व नमक डालकर पीने से आंखों की कम हुई रोशनी लौट आती है। 

किडनी स्टोन से दूर रहने के लिए नियमित तौर पर तरबूज ड्रिंक का सेवन करें। 

चुकंदर में आयर्न की मात्रा अधिक होती है। इसके नियमित सेवन से चेहरे पर ग्लो आता है। 

दिल के रोगियों के लिए करेला ड्रिंक बेहद फायदेमंद है। यह ब्लड को स्वच्छ बनाए रखता है।

Comic Book Girl

Donalyn Miller

While I was out of town last month, our 16-year old daughter, Sarah, had a reading emergency. She told me the story over dinner when I came home, “Mom, my English teacher assigned us an independent reading project.”

I leaned in, whole body listening, “Hmm. What are the guidelines for the project?”

Once a teacher, always a teacher. I can’t help it. I wanted to know how “independent” this independent reading project was.

Sarah ticked off the requirements, “It has to be a book we haven’t read…”

We’re good so far. That’s a reasonable expectation.

She continues, “The book has to be 200 pages long.”

Whew, The Catcher in the Rye just makes the cut at 224 pages. Sorry, Of Mice and Men, you’re too short. Arbitrary rules like this one communicate to kids that teachers think students are lazy and hate to read, and they go for the…

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Consent: Not actually that complicated

rockstar dinosaur pirate princess

http://kaffysmaffy.tumblr.com/post/780535517 http://kaffysmaffy.tumblr.com/post/780535517

A short one today as my life is currently very complicated and conspiring against my preference to spend all of my days working out what to blog. But do you know what isn’t complicated?

Consent.

It’s been much discussed recently; what with college campuses bringing in Affirmative Consent rules, and with the film of the book that managed to make lack of consent look sexy raking it in at the box office. You may not know this, but in the UK we more or less have something similar to ‘affirmative consent’ already. It’s how Ched Evans was convicted while his co-defendant was not – and is along the lines of whether the defendant had a reasonable belief that the alleged victim consented. From the court documents it appears that while the jury felt that it was reasonable to believe that the victim had consented to intercourse with the co-defendant, it…

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